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रविवार, 12 अप्रैल 2020

सुलेमानी कीड़ा



हमारे एक घनिष्ट मित्र जैसे ही टिवट्रर पर अकाउंट बनाये। उनके सबसे पहले फॉलोअर बने सुलेमानी कीड़ा। मै आश्चर्यचकित हो गया कि उस कीड़े को कैसे पता की यें बड़ा वाला कीड़ा है। शब्दकोशो की छानबीन की तो इसका अर्थ न मिला।

कुछ अपनी बची हुई मंद बुद्धि पर पगलाये दिमाग से सोचा तो लगा 'फटे में ऊँगली करना' से कुछ कुछ मिल रहा।

सुलेमानी कीड़ा नीति नियामक का एहसास दिलाता है जबकि 'फटे में ऊँगली करना' कार्यपालिका की भूमिका में।

जो लोग सुलेमानी कीड़ा के रोग से ग्रसित होते है उनका कोई इलाज नही। बड़े बड़े डॉक्टर हाथ जोड ही लेते है।

प्रश्न उठता है इसके उद्भव का। इसका उत्तर आपको खुद ही खोजना होगा व पहचानना होगा इस महान कीड़े से ग्रसित महानुभावों कों।

अगर बैठे ठाले आप किसी को मुसीबत में डालने मे सक्षम हो जाय या खुद किसी मुसीबत में फसते रहे तो आप समझिये आप इसके विशेषज्ञता की श्रेणी में आ गये है।

हो रहे न आप आश्चर्यचकित। ज्यादा बोलने की गुस्ताखी की तो आपके अंदर का सुलेमानी कीड़ा शिकार न बना ले। फिलहाल आनंद ले हाल फिलहाल के सुलेमानी कीड़ा का।

@विपिन पाण्डेय "व्याकुल"
#सुलेमानीकीडा

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