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रविवार, 13 फ़रवरी 2022

पुलवामा


पुलवामा के शहीदों को नमन💐🇮🇳


भारतीय वीर जवानों ने अपने पराक्रम से न सिर्फ़ देश का मान रखा वरन् दुश्मनों के दाँत भी खट्टे कर दिये..इसी को ध्यान में रखते हुये एक कविता:


तपती दिवा-मध्य हो

या कँटीले रास्ते

पग बढ़ चलें

जहाँ दुश्मनो की कतार हो..


गिद्ध सी निगाह हो

या लक्ष्य को भेदना 

अपलक अचूक हो

ये हिमालयी बाँकुरे...



प्रगलित लौह सा भुज हो

या कवच सा वक्ष हो

चण्डी का अवतार हो

या प्राकृतिक दिवार हो..


भूख हो या प्यास हो

डिगे न लाख आँधी हो

शिकन न आये आन पर

हौसलो की उड़ान हो...


@व्याकुल

2 टिप्‍पणियां:

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