आस पास तड़पते लोगो को देखना और कुछ न कर पाना कितनी कोफ़्त होती है न। व्याकुलता ऐसे ही थोड़े न जन्म लेती है। कितना तड़प चुका होगा वो।
रक्त का एक एक कतरा बह रहा होगा। दिल से कह ले या आँखों से। ह्रदय ग्लानि से कितना विदीर्ण हो चुका होगा। पैर भी ठहर गए होंगे। असहाय इस दुनिया में सिवाय एक निर्जीव शरीर के।
Very good lines.
जवाब देंहटाएंशुक्रिया महोदया
हटाएंअति सुन्दर
जवाब देंहटाएंप्रणाम भाईसाहब.. शुक्रिया
हटाएंWah����
जवाब देंहटाएंNice��
जवाब देंहटाएंjabardast.. bandhe rkhti hai apki lines
जवाब देंहटाएंशुक्रिया
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